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भारत में निर्वाचन तंत्र: सांगठनिक स्वरूप | Original Article

Laxmi Kumari*, Sunil Jangir, in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education | Multidisciplinary Academic Research

ABSTRACT:

एक स्वच्छ एवं स्वतन्त्र पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक निर्वाचन में जनता की सहभागिता पर तीन तत्त्वों के व्यवहार का बहुत प्रभाव पड़ता है जो मिलकर त्रिकोण बनाते हैं, ये हैं-निर्वाचन मशीनरी, राजनीतिक दल एवं अभ्यर्थी तथा निर्वाचकगण। एक निर्वाचन मशीनरी को इतना योग्य होना चाहिए कि वह इन दूसरे तत्त्वों में विश्वास पैदा कर सके, जैसे-निर्वाचन की व्यवस्था एवं उसका निदेशन बाह्य दबाव और प्रभाव से मुक्त हो, का निर्वाचक गण एवं अभ्यर्थियों तथा राजनीतिक दलों में विश्वास हो।