मुगलकाल में सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, भवन एवं वेशभूषाः एक अध्ययन
मुग़लकाल में भारतीय खान-पान जीवन: एक अध्ययन
by Mahesh Singh*,
- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540
Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 191 - 194 (4)
Published by: Ignited Minds Journals
ABSTRACT
खान-पान एवं भोजन जीवन की उन मूलभूत आवश्यकताओं में से हैं। जिसमें संशोधन-परिवर्धन के प्रयास प्रत्येक युग में किए जाते रहे हैं। खान-पान, एवं भोजन व्यवस्था भी किसी युग के रहन-सहन, अथवा संस्कृति के स्तर का सूचक होता है। यूँ जहां प्रारम्भ में मानव ने कच्चे फल और कन्दमूल को खान-पान के रूप में उपयोग किया था परिस्थितियों में बदलाव के साथ-साथ कालान्तर में भोजन के प्रति दृष्टिकोण भी बदला और मानव का ध्यान इन आवश्यकताओं से बढ़ कर विलास और स्वादिष्ट व्यंजनों की तरफ गया और खान-पान में विभिन्न तरह के व्यंजनों का समावेश बढ़ता चला गया।
KEYWORD
मुगलकाल, सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, भवन, वेशभूषाः, खान-पान जीवन, भोजन व्यवस्था, खाद्य पदार्थ, गणित, संशोधन-परिवर्धन