छत्तीसगढ़ में भारिया जनजाति की उत्पत्ति एवं बसाहट का एकल अध्ययन

छत्तीसगढ़ की भारिया जनजाति: उत्पत्ति, विस्तार और संस्कृतिक अध्ययन

by Smt. Sweta Jain*, Dr. Pramod Kumar Sharma,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 199 - 202 (4)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

भारिया जनजाति का विस्तार क्षेत्र मुख्यतः मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य है। यह जनजाति छत्तीसगढ़ में कोरबा, बिलासपुर एवं जांजगीर जिले में फैली हुई है। इस अपेक्षाकृत बड़ें भाग में फैली जनजाति का एक छोटा समूह कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड में बीते कुछ दर्शकों से निवास कर रहा है। अध्ययन क्षेत्र कोरबा भारत के नवगठित राज्य छत्तीसगढ़ का एक औद्यौगिक क्षेत्र है। कोरबा जिला चारों ओर से वनों से घिरा है यहां की मुख्य निवासी आदिवासी है। इसी क्षेत्र में भारिया जनजाति भी निवास करती है यह मूल रूप से मध्यप्रदेश की जनजाति है जो ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेजों के प्रताड़ना के कारण छिन्न-भिन्न हो गए थे जिससे भारिया जनजाति का एक छोटा समूह कोरबा जिला में आकर निवास करने लगा। छत्तीसगढ़ की भारिया एक ऐसी आदिम जाति है जिनके पास अपनी प्राचीन संस्कृति बहुत कम बची है। आज जो कुछ भी भारिया जनजाति के पास शेष है, वह मिश्रित संस्कृति का मिला-जुला रूप है।

KEYWORD

छत्तीसगढ़, भारिया जनजाति, उत्पत्ति, बसाहट, एवं अध्ययन