भारतीय नवजागरण का अग्रदूत – राजा राममोहन राय
A Study on the Reform Movements of Raja Ram Mohan Roy as the Pioneer of Indian Renaissance
by Narender Kumar*,
- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540
Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 1280 - 1283 (4)
Published by: Ignited Minds Journals
ABSTRACT
राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग के पितामह थे। उन्होंने भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम और पत्रकारिता के कुशल संयोग से दोनों क्षेत्रों को गति प्रदान की। उनके आन्दोलनों ने जहाँ पत्रकारिता को चमक दी, वहीं उनकी पत्रकारिता ने आन्दोलनों को सही दिशा दिखाने का कार्य किया। राजा राममोहन राय की दूरदर्शिता और वैचारिकता के सैकड़ों उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं। हिन्दी के प्रति उनका अगाध स्नेह था। वे रूढ़िवाद और कुरीतियों के विरोधी थे लेकिन संस्कार, परंपरा और राष्ट्र गौरव उनके दिल के करीब थे। इस शोध-पत्र में भारतीय नवजागरण का अग्रदूत के रूप में राजा राममोहन राय के सुधार आन्दोलनों का अध्ययन किया गया है।
KEYWORD
भारतीय नवजागरण, राजा राममोहन राय, भारतीय सामाजिक पुनर्जागरण, ब्रह्म समाज, भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम, पत्रकारिता