दौसा जिले की सिकराय तहसील में पत्थर नक्काशी उद्योग का विकास एवं प्रभाव

Exploring the Development and Impact of Stone Carving Industry in Sikrai Tehsil, Dausa District

by Samay Singh Meena*, Dr. Samay Singh Meena,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 1730 - 1732 (3)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

हस्तशिल्प किसी भी देश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते है हस्तशिल्प से देश के लाखो लोगो को रोजगार मिलता है पत्थरनक्काशी उधोग में राजस्थान का मुख्य स्थान है प्राचीन समय से ही राजस्थान स्थापत्य के क्षेत्र में अग्रणी रहा है राजस्थान में देलवाडा, रणकपुर जैन मंदिर हो या दौसा की आभानेरी बावड़ी हो, सभी में हस्तशिल्प कला , स्थापत्य कला का अद्भुत संगम दर्शाया हुआ है राजस्थान में पत्थर नक्काशी के क्षेत्र में पाली, जालोर, सिरोही, अजमेर, दौसा सहित कई स्थानों पर इसकी नक्काशी का कार्य किया जाता है दौसा जिले की सिकराय तहसील में भी पत्थर नक्कासी का काम बड़े स्तर पर किया जाता है सिकराय तहसील में सिकंदरा पत्थर नक्कासी के क्षेत्र में प्रसिद्द है पत्थर नक्काशी उद्धोग से आसपास के लोगो को रोजगार भी प्राप्त हो जाता है पत्थर नक्कासी से बने मूर्तियाँ देश के कई स्थानों में सप्लाई की जाती है प्रस्तुत अध्ययन में मैंने प्रतिचयन विधि में माध्यम से प्रमुख क्षेत्रो का चयन कर के अध्ययन किया है

KEYWORD

हस्तशिल्प, पत्थर नक्काशी, रोजगार, स्थापत्य कला, सिकराय तहसील