राजगढ़ तहसील में भूजल संकट एवं संरक्षण
भूजल संकट और उसके प्रभाव: एक राजगढ़ तहसील की अध्ययन
by Mahesh Chand Meena*,
- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540
Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 1914 - 1919 (6)
Published by: Ignited Minds Journals
ABSTRACT
जल एक प्रमुख प्राकृतिक संसाधन है। मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता और बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा है इसलिए जल का अधिकतम विकास और कुल उपयोग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जल जीवन का जनक एवं पोषक है। यह तथ्य सर्वविदित होने के बावजूद भी राजगढ़ तहसील में जल संकट की स्थिति उतरोत्तर बढ़ती जा रही है। समय के बदलाव के साथ जल संसाधन का तहसील में अत्यधिक दोहन होना एवं वर्षा की कमी से राजगढ़ तहसील में जल संकट के हालात सामने आ रहे हैं।बढ़ती जनसंख्या औद्योगिक विकास व कृषि विकास में सिंचाई के संसाधनों की वृद्धि एवं भूजल पर बहुत अधिक निर्भरता के कारण राजगढ़ में जल संकट साल दर साल गहराता जा रहा है। कृषि विकास के कारण भू-जल स्तर पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि अधिक जनसंख्या के भरण-पोषण हेतु और कृषि व्यावसायिकरण के कारण अत्यधिक सिंचाई की आवश्यकता हो रही है। वर्षा की कमी के कारण सिंचाई के लिए भू-जल स्त्रोतो पर ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे भू-जल तेजी से नीचे गिरता है। हम विभिन्न पहलुओं से इन तथ्यों का परीक्षण करेंगे। इन सभी कारणों को देखते हुए शोध कार्य के लिए इस ज्वलंत विषय का चयन किया गया है।
KEYWORD
भूजल संकट, संरक्षण, जल संसाधन, दोहन, जनसंख्या, वर्षा की कमी, कृषि विकास, सिंचाई, भू-जल स्त्रोतों, परीक्षण