पर्यावरण क्षरण का ग्रामीण समाज में निर्धनता पर प्रभाव-बिहार के परिप्रेक्ष्य में
भारतीय ग्रामीण समाज में पर्यावरण क्षरण के प्रभाव: बिहार के परिप्रेक्ष्य में
by Dr. Binu Pathak*,
- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540
Volume 16, Issue No. 4, Mar 2019, Pages 1983 - 1988 (6)
Published by: Ignited Minds Journals
ABSTRACT
आज भारत की चुनौतियों में निधर्नता, ग्रामीण भारत का विकास तथा आधारिक संरचना का निर्माण प्रमुख है। हम सौ करोड़ लोगों की शक्ति से संपन्न राष्ट्र हैं तथा मानव पूँजी हमारी एक बड़ी संपत्ति है। इसमें शिक्षा तथा स्वास्थ्य में निवेश आवश्यक है। हमें रोजगार के स्वरूप को समझने की एवं देश में और अधिक रोजगार के अवसर के सृजन की जरूरत है। हम विकास के निहितार्थों को भी अपने पर्यावरण तथा धारणीय विकास की मांग के संदर्भ में देखेंगे। इन मुद्दों को सुलझाने के क्रम में सरकार की नीतियों का आलोचनात्मक आकलन किए जाने की जरूरत है, जिस पर इस इकाई में अलग से चर्चा की गई है।
KEYWORD
पर्यावरण क्षरण, ग्रामीण समाज, निर्धनता, भारत, विकास, आधारिक संरचना, रोजगार, पर्यावरण, धारणीय विकास