सर छोटूराम की कृषि विकास क्षेत्र में भूमिका

चौधरी छोटूराम: एक कृषि विकास के मार्गदर्शक

by Sudesh Kumari*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 5, Apr 2019, Pages 1482 - 1485 (4)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

भारत वर्ष एक महान देश है। इस देश के प्रत्येक प्रांत में कोई न कोई ऐसा महामानव उत्पन्न होता है, जिसका प्रभाव इतना सशक्त होता है कि जन साधारण से लेकर बुद्धि वर्ग तक उसको ‘युग पुरूष’ मानकर चिर स्मरणीय बना देते है। हरियाणा प्रान्त में चौधरी छोटूराम भी ऐसे ही ‘युग पुरूष’ थे, जिन्हें अंग्रेजी सरकार ने ‘सर’ की उपाधि से विभूषित किया और जन साधारण ने उन्हें ‘रहबरे आजम’, ‘किसान मसीहा’ और ‘दीनबंधु’ का नाम दिया। चौधरी छोटूराम हरियाणा के नायक हैं। उन्होंने अपना जीवन ’दरिद्र किसान’ की सेवा में समर्पित कर दिया, यही कारण है कि हरियाणा के लोग विशेष कृषक समाज का हर व्यक्ति उसका नाम लेते ही श्रद्धा से नत-मस्तक हो जाता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में “सर छोटूराम की कृषि विकास क्षेत्र में भूमिका” का अध्ययन किया गया है। प्रस्तुत शोध पत्र पूर्णतया द्वितीयक आँकडों पर आधारित है।

KEYWORD

सर छोटूराम, कृषि विकास क्षेत्र, भूमिका, हरियाणा, दरिद्र किसान