बांरा जिले के प्रमुख दुर्ग एवं उनकी स्थापत्य कला

Exploring the Architectural Heritage of Banda District

by Anil Mermit*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 5, Apr 2019, Pages 1616 - 1618 (3)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

भारतीय स्थापत्य की परम्परा बडी प्राचीन है। मोहनजोदड़ों एवं हडप्पा में हुई खुदाई से स्थापत्य की प्राचीनता के प्रमाण उपलब्ध हुए थे। राजस्थान में सरस्वती नदी के क्षेत्र में कालीबंगा में हुई खुदाई से हडप्पापूर्व संस्कृति के अवशेष प्रकाश में आये है। कालीबंगा में सर्वप्रथम इस प्रकार के अवशेष मिले है जिन्हें सैनिक स्थापत्य की संज्ञा दी जा सकती राजस्थान की स्थापत्य कला बहुत प्राचीन है यहाँ पर कालीबंगा में सिन्धूघाटी सभ्यता की स्थापत्य कला के प्रमाण उपलब्ध है। इसी प्रकार आहड सभ्यता की स्थापत्य कला उदयपुर के पास तथा मौर्य काल में प्रस्फुटित सभ्यता के चिन्ह बैराठ में मिले है। हिन्दू स्थापत्य कला के रूप में राजस्थान में सबसे प्रमुख स्थापत्य कला राजपूतों की रही है। जिसके कारण संपूर्ण राजस्थान किलों, मन्दिरों, परकोटो, राजप्रसादों, जलाशयों, उद्योगो, स्तम्भें तथा समाधियों एवं छतरियो से भर गया है।

KEYWORD

बांरा जिले, प्रमुख दुर्ग, स्थापत्य कला, राजस्थान, भारतीय स्थापत्य