रीतिकाल के महाकवि भूषण जीवन परिचय

भूषण जी के भाषा, शैली और व्यक्तित्व का अध्‍ययन

by रुचि सिंगला*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 5, Apr 2019, Pages 2338 - 2342 (5)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

महाकवि भूषण रीतिकाल के तीन प्रमुख हिन्दी कवियों में से एक हैं, वीर रस में प्रमुखता से रचना कर भूषण ने अपने को सबसे अलग साबित किया। 'भूषण' की उपाधि उन्हें चित्रकूट के राजा रूद्रसाह के पुत्र हृदयराम ने प्रदान की थी। ये मोरंग, कुमायूँ, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, रीवाँ, छत्रपती शिवाजी महाराज और छत्रसाल आदि के आश्रय में रहे, परन्तु इनके पसंदीदा नरेश छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराजा छत्रसाल थे। इस लेख में भूषण जी की भाषा, शैली और व्यक्तित्व एवं कृतित्व का अध्‍ययन किया गया है।

KEYWORD

रीतिकाल, महाकवि, भूषण, हिन्दी कवियों, वीर रस, चित्रकूट, राजा रूद्रसाह, हृदयराम, मोरंग, कुमायूँ, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, रीवाँ, छत्रपती शिवाजी महाराज, महाराजा छत्रसाल, भाषा, शैली, व्यक्तित्व, कृतित्व