अभिराज राजेन्द्र मिश्र की कथाओं में काव्य-सौन्दर्य

Exploring the Aesthetics of Abhiraj Rajendra Mishra's Stories

by Chaman Lal*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 6, May 2019, Pages 824 - 827 (4)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

मनुष्य एक बुद्धिमान एवं चिन्तन करने वाला प्राणी है। भावों की अनुभूति और अभिव्यक्ति उसकी पहचान है। प्राचीन काल से अनुभूति और अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया है। इन माध्यमों में से भाषा सर्वोत्कृष्ट साधन है। भाषा वह माध्यम है, जिसमें हम चिन्तन करते हैं तथा अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हैं।

KEYWORD

अभिराज राजेन्द्र मिश्र, कथाएं, काव्य-सौंदर्य, भाव, अभिव्यक्ति, प्राचीन काल, माध्यम, भाषा, चिंतन, विचार