बूंदी जिले में पारिस्थितिकी पर्यटन की संभावना

बूंदी जिले में पारिस्थितिकी पर्यटन: प्राकृतिक दृश्य, सांस्कृतिक महत्व और संरक्षण

by Jugraj Meena*, Dr. Laxmanlal Parmar,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 6, May 2019, Pages 2066 - 2069 (4)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

बूंदी विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। बावड़ियों, झीलों एवं धार्मिक स्थलों के कारण इसे छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। बूंदी हाड़ौती के पठार में अरावली की गोद में बसा प्राचीन शहर है। बूंदी ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक रूप से समृद्ध है। जिले में वन, वन्यजीव, तालाब, झील, नदियाँ एवं प्राकृतिक स्थल पर्यटन की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण है। पारिस्थितिकी पर्यटन में प्राकृतिक दृश्यों, जीव-जंतुओं एवं वनस्पति को देखकर आनंद लिया जाता है तथा उसके सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व को समझा जाता है। वर्तमान में पर्यावरण एवं पर्यटन यहाँ के निवासियों के भोजन एवं रोजगार का साधन बना हुआ है तथा सुनियोजित पारिस्थितिकी पर्यटन से संरक्षित क्षेत्र एवं उसके निकट क्षेत्र के समुदाय को लाभ पहुंचाया जा सकता है तथा पर्यावरण व वन्यजीवों का संरक्षण किया जा सकता है। पारिस्थितिकी पर्यटन में भू-विन्यास, वनस्पति तथा जीवजंतुओं का समान महत्व है तथा इसी से जैव विविधता का संरक्षण किया जा सकता है।

KEYWORD

बूंदी, पर्यटन, वन, सांस्कृतिक, पारिस्थितिकी