समकालीन महिला उपन्यासकारों की कृतियों में स्त्री विमर्श

Exploring the Inner World of Women in Contemporary Novels

by Kumari Lucy*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 6, May 2019, Pages 2376 - 2380 (5)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

आदि अनादि काल से इस दुनिमा में कई ग्रंथ लिखे गए हैं। उनमें वेद, पुराण के साथ रामायण, महाभारत आदि श्रेष्ठ तथा पवित्र ग्रंथ हैं। परंतु इन सभी ग्रंथी में स्त्री का पात्र अति महत्वपूर्ण ह। स्त्री की एक ओर देवी कहते हैं तो दूसरी ओर दासी। कभी-कभी भोग के वस्तु के रूप में दर्शाते हैं। किंतु यह स्त्री क्या है इस बात को आज तक कोई नहीं समझा, क्योंकि स्त्री अतुलनीय है। स्त्री के बाह्य रूप को सभी लोगों ने देखा परंतु उसके अंर्तमन को कोई नहीं पढ़ सका।

KEYWORD

समकालीन महिला उपन्यासकारों, स्त्री विमर्श, ग्रंथ, वेद, पुराण, रामायण, महाभारत, देवी, दासी, भोग