भारतीय राजनीति में गरमपंथी विचारधारा

भारतीय राजनीति में गरमपंथ के विचारधारा: एक अव्यवस्थितता की चुनौती

by Dr. Amar Jyoti Mishra*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 6, May 2019, Pages 2486 - 2491 (6)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

भारतीय राजनीति में गरमपंथ के उस प्रवृति से स्पष्ट सादृश्य है जिसे टवाधनवी आर्षवाद कहता है। यह भारतीय जीवन, चिंतन तथा राजनीति के उस अव्यवस्थित तथा सतही पश्चिमीकरण की चुनौती के प्रतिक्रयास्वरूप आया, जिसने राममोहन राय द्वारा स्थापित संतुलित समन्वय को उलट-पुलट सा दिया था। यह तीन स्तरों पर प्रतिरोध का आंदोलन था।

KEYWORD

भारतीय राजनीति, गरमपंथी विचारधारा, टवाधनवी आर्षवाद, भारतीय जीवन, चिंतन, राजनीति, अव्यवस्थितता, सतही पश्चिमीकरण, राममोहन राय, संतुलित समन्वय, प्रतिरोध आंदोलन