रामकुमार वर्मा की कला यात्रा के प्रेरणा स्रोत

भारतीय कला और साहित्य में प्रेरक कलाकार रामकुमार वर्मा

by Saroj .*,

- Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education, E-ISSN: 2230-7540

Volume 16, Issue No. 6, May 2019, Pages 2723 - 2725 (3)

Published by: Ignited Minds Journals


ABSTRACT

वर्मा जी के कला मिज़ाज के निर्माण में उनका पारिवारिक परिवेश तो जिम्मेदार है ही, युग-परिवेश की भूमिका भी कम नहीं है। वर्मा जी ने जिस युग में कला के क्षेत्र में पदार्पण किया उस युग में नवजागरण की लहर से सम्पूर्ण भारत उद्वेलित था। धार्मिक एव सामाजिक विषमताओं, गलित रूचि, कुप्रथाओं तथा संकीर्णताओं के विरूद्ध अनेक धार्मिक संस्थाएँ सक्रिय थीं। राजनीति के पटल पर गाँधी जी की मूल्यवादी राजनीति और समाजनीति का वर्चस्व था। अंग्रेज़ी सत्ता से मुक्ति के लिए देशव्यापी आंदोलन छिड़ा हुआ था। युग को आंदोलित करने वाले अनेक विचारों, मान्यताओं और आदर्शों को वर्मा जी ने आत्मसात् किया। वर्मा जी ने स्वयं स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। अपने समय के अन्य रचनाकारों के समान ही वर्मा जी के साहित्य में सत्य, अहिंसा, हिन्दू-मुस्लिम एकता, अछूतोद्धार, विधवा विवाह, त्याग, विश्व-प्रेम और मानव प्रेम, आस्था विश्वास आदि भावनाएँ प्रस्फुटित होती रही है।

KEYWORD

रामकुमार वर्मा, कला यात्रा, प्रेरणा स्रोत, कला मिज़ाज, नवजागरण, धार्मिक संस्थाएँ, मूल्यवादी राजनीति, स्वतंत्रता आंदोलन, सत्य, अहिंसा, हिन्दू-मुस्लिम एकता, अछूतोद्धार, विश्व-प्रेम, मानव प्रेम, आस्था विश्वास