बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का इतिहास और विचार

Authors

  • सचिन राठौड़ शोधार्थी छात्र, समाजशास्त्र विभाग, डीएवी कॉलेज, कानपुर, उत्‍तर प्रदेश Author

DOI:

https://doi.org/10.29070/nrjnpf55

Keywords:

अम्बेडकर, इतिहास, विचार, भारत, समाज

Abstract

भीमराव रामजी अम्बेडकर एक भारतीय बुद्धिजीवी और समाज सुधारक थे। उन्होंने भारत में जाति व्यवस्था के सामाजिक अन्याय को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। जवाहरलाल नेहरू ने बाबा साहब को भारत का पहला कानून मंत्री नियुक्त किया। इस शोध आलेख का मुख्य उद्देश्य डॉ. बाबा भीमराव अम्बेडकर के इतिहास एवं विचारों पर प्रकाश डालना है। लेख के मुद्दे से संबंधित विभिन्न सरकारी कार्यालयों की रिपोर्ट, साथ ही प्रकाशित और अप्रकाशित जर्नल पेपर, किताबें और पत्रिकाएँ, डेटा स्रोतों में से हैं। बी.आर. अम्बेडकर एक मानवाधिकार कार्यकर्ता, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, पत्रकार, सांसद, संपादक और सामाजिक क्रांतिकारी थे। वह एक निर्धारित विनिमय दर वाले स्वर्ण मानक के समर्थक थे। उनके आर्थिक विचार देश की आर्थिक समस्याओं के समाधान में कारगर हो सकते हैं। बाबासाहेब अम्बेडकर भारत के बाहर अर्थशास्त्र का अध्ययन करने वाले पहले भारतीय थे। भूमि सुधार और राज्य के आर्थिक विकास के पीछे उनका अग्रणी प्रभाव था। कृषि भूमि पर राज्य का नियंत्रण, उत्पादक संसाधनों का रखरखाव और न्यायपूर्ण वितरण उनकी राज्य समाजवाद विचारधारा के तीन स्तंभ थे। सूचना और सांख्यिकीय डेटा के द्वितीयक स्रोतों का उपयोग करते हुए, यह शोध अध्ययन भारत में विशिष्ट आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की सैद्धांतिक राय पर केंद्रित है।

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References

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Published

2024-04-01

How to Cite

[1]
“बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर का इतिहास और विचार”, JASRAE, vol. 21, no. 3, pp. 39–45, Apr. 2024, doi: 10.29070/nrjnpf55.