पर्यावरणीय क्षरण : कारण,परिणाम और निवारण

Authors

  • डॉ. रीना एसोसिएट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, महिला महाविद्यालय, झोझू कलां (चरखी दादरी), हरियाणा Author

DOI:

https://doi.org/10.29070/4s0tjt56

Keywords:

पर्यावरणीय क्षरण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन, पर्यावरण संरक्षण

Abstract

यह शोधपत्र पर्यावरणीय क्षरण की समस्या पर केंद्रित है, जो आज के समय में एक वैश्विक चिंता का विषय बन चुकी है। प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, वनों की कटाई, और शहरीकरण जैसे मानवीय कारकों के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इस शोध में पर्यावरणीय क्षरण के प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है तथा इसके सामाजिक, आर्थिक और जैविक प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, इसमें विभिन्न नीतिगत उपायों और तकनीकी समाधानों की भी समीक्षा की गई है जो इस क्षरण को रोकने और पर्यावरण को पुनर्स्थापित करने में सहायक हो सकते हैं। यह अध्ययन सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देता है।

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References

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Published

2025-01-01

How to Cite

[1]
“पर्यावरणीय क्षरण : कारण,परिणाम और निवारण”, JASRAE, vol. 22, no. 01, pp. 346–352, Jan. 2025, doi: 10.29070/4s0tjt56.