महिला शिक्षा की स्थिति का एक समालोचनात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.29070/n25y6q94Keywords:
मैत्रयी, समिति, नारी शिक्षा, शैक्षिक अवसरों की समानता, अपव्यय तथा अवरोधनAbstract
भारत देश में आजादी के बाद महिला शिक्षा के प्रति संकुचित दृष्टिकोण को समाप्त करने का प्रयास किया गया था एवं वर्तमान भारत में पुरुषों के समान महिलाओं को शैक्षिक अधिकार प्रदान किये गये हैं। वर्तमान भारत में महिलाएं सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षिक क्षेत्रों में पुरुषों के समान सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। वर्तमान में महिलाएं शिक्षा प्राप्त करके समाज के महत्वपूर्ण कार्यां में योगदान दे रही हैं। यह सत्य हैं कि घर की चार दिवारी के अंदर घुटकर भाग्य के भरोसे बैठे रहने एवं अज्ञानता के आवरण से निकलकर वह पुरूषों के साथ समान प्रतिस्पर्धा में सम्मिलित हो रही हैं एवं समान भागीदारी दे रही हैं। वास्तव में यह कहना असत्य न होगा कि यह कदम महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है। वर्तमान भारत में केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा बालिकाओं के शिक्षा के संदर्भ में अनेक प्रकार की योजनाओं को लागू किया जा रहा है, जिससे बालिकाओं की सुव्यवस्थित शिक्षा के मार्ग में आ रही कठिनाईयों का निवारण किया जा सकता हैं।
Downloads
References
1. राजेन्द्र प्रसाद (2012) भारतीय शिक्षा, प्राभात प्र्रकाशन, नई दिल्ली।
2. रावत, प्यारे लाल (1975) प्राचीन और भारतीय शिक्षा का इतिहास, आगरा भारत पब्लिकेशन्स
3. लज्जराम तोमर (2016) भारतीय शिक्षा के मूल तत्व, माही प्र्रकाशन, नई दिल्ली।
4. गुप्ता एस०पी० तथा अल्का गुप्ता (2008) भारतीय शिक्षा का इतिहास, विकास एवं समस्यायें, इलाहाबाद, शारदा पुस्तक भवन।
5. दीनानाथ बत्रा (2007) भारतीय शिक्षा का स्वरूप, भारत पुस्तक भवन,आगरा।
6. डॉ धीरेन्द्र्र सिहं यादव (2009) भारतीय शिक्षा का इतिहास भारतीय विद्या प्रकाशन।
7. अग्निहोत्री, रविन्द्र (2005) आधुनिक भारतीय शिक्षा की समस्याएँ और समाधान, जयपुर राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी।
8. प्रोग्राम ऑफ एक्शन नेशनल पॉलिसी ऑन एजुकेशन, 1986
9. योजना, जनवरी 2016 अंक, लोधी रोड, नई दिल्ली।






