काशी की समकालीन काष्ठ परम्परा एवं कलाकार
DOI:
https://doi.org/10.29070/6tkxzg51Keywords:
काशी, काष्ठ कला, लकड़ी नक्काशी, समकालीन कलाकार, बनारस, लोक शिल्प, दृश्य संस्कृतिAbstract
काशी भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का एक बहुत प्राचीन और जीवंत केंद्र है, जहाँ आज भी कई दृश्य कला, शिल्प, संगीत, वस्त्र और अनुष्ठानिक रूपों की परंपराएँ सक्रिय हैं। इन परंपराओं में काष्ठकला एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। काशी की काष्ठ परम्परा केवल उपयोगितावादी वस्तुओं तक सीमित नहीं है; यह घरेलू सज्जा, मंदिर स्थापत्य, धार्मिक वेदियों, अनुष्ठानिक संरचनाओं, लोक खिलौनों और सजावटी वस्तुओं में भी व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान में, यह परंपरा नए रूपों में विकसित हुई है, जैसे Decorative Wall Panels, Miniature Ghats, Temple Sculptures, Interior Craft Items, Laser-Assisted Carving और Souvenir Art।
वर्तमान शोध-पत्र में काशी की समकालीन काष्ठ परम्परा का इतिहासिक विकास, तकनीक, कलाकार समुदाय, आधुनिक बाजार, पर्यटन, शैक्षिक प्रशिक्षण और वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि काशी की काष्ठ कला आज एक मजबूत सांस्कृतिक पहचान बन गई है जो परंपरा और नवाचार को संतुलित करती है।
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References
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