[1]
“नैतिक जटिलता और अस्पष्टता समकालीन महिला साहित्य में नैतिक दुविधाओं को आकार देने में नायक की भूमिका”, JASRAE, vol. 23, no. 2, pp. 605–612, Apr. 2026, doi: 10.29070/v2d86412.