डॉक्टर राही मासूम रज़ा के उपन्यासों में निरूपित धर्म

Exploring the religious consciousness in the novels of Dr. Rahi Masoom Raza

Authors

  • Manoj Kumar Author

Keywords:

डॉक्टर राही मासूम रज़ा, धर्म, सामाज सुधार, हिंदी साहित्य, धार्मिक भावना, उपन्यास, चरित्र, साहित्यकारों, धार्मिक प्रभाव

Abstract

धर्मिक चेतना का मुख्य कार्य समाज के सामने धर्म का वास्तविक स्वरूप प्रस्तुत करता है। जिससे धर्म का सही अर्थ जान सकें। हिंदी साहित्य में कई साहित्यकारों ने साहित्य के माध्यम से समाज सुधार का पवित्र कार्य किया। राही मासूम रज़ा भी इस प्रकार के धार्मिक प्रभाव से अछूते नहीं थे, इसलिए ‘राही’ की धार्मिक भावना धर्मनिरपेक्ष है। उनके उपन्यासों के सभी चरित्र धार्मिक चेतना से भरे हैं।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2019-02-01

How to Cite

[1]
“डॉक्टर राही मासूम रज़ा के उपन्यासों में निरूपित धर्म: Exploring the religious consciousness in the novels of Dr. Rahi Masoom Raza”, JASRAE, vol. 16, no. 2, pp. 386–388, Feb. 2019, Accessed: Feb. 19, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10137