इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियाँ एवं भारत की भूमिका
The Emerging Trends and India's Role in the Indo-Pacific Region
Keywords:
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, शक्तियों, प्रवृत्तियों, व्यापार, आर्थिक प्रवृत्ति, नेवी सुरक्षा, संगठनों, विदेशनीति, संबंधों, अधिकार क्षेत्रAbstract
इस शोध पत्र में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तथा उसमे उभरती शक्तियों एवं प्रवृत्तियों के विषय में बताया गया है। इस क्षेत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियों को दर्शाया गया है। जैसे सामरिक प्रवृत्तियाँ, प्राकृतिक संसाधन, व्यापार, आर्थिक प्रवृत्ति, नेवी सुरक्षा, संगठनों की भूमिका आदि को दर्शाया गया है। इस क्षेत्र में विश्व का लगभग 67 प्रतिशत व्यापार होता है। इस में अमेरिका, चीन तथा एशिया के राष्ट्रों की भूमिका को दर्शाया गया है। इस शोध पत्र में भारत की विदेशनीति को भी दर्शाया है। भारत की विदेशनीति के कारण ही इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन बना हुआ है। इस शोधपत्र में बताया गया है कि भारत ने अपने पूर्व के राष्ट्रों के साथ किस प्रकार संबंधों में सुधार किए है। भारत में Act East Policy बनाई है। इस पॉलिसी के तहत भारत में दक्षिणी कोरिया, जापान तथा आस्ट्रेलिया आदि राष्ट्रों के साथ संबंध बढ़ाऐ है। भारत में इस क्षेत्र में चीन तथा अमेरिका की भूमिका तथा अधिकार क्षेत्र को रोकने के लिए अनेकों संगठनों तथा राष्ट्रों के साथ समझौता किया है।Downloads
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Published
2019-02-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियाँ एवं भारत की भूमिका: The Emerging Trends and India’s Role in the Indo-Pacific Region”, JASRAE, vol. 16, no. 2, pp. 736–739, Feb. 2019, Accessed: Feb. 19, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10210






