मुगलकाल में सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, भवन एवं वेशभूषाः एक अध्ययन
मुग़लकाल में भारतीय खान-पान जीवन: एक अध्ययन
Keywords:
मुगलकाल, सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, भवन, वेशभूषाः, खान-पान जीवन, भोजन व्यवस्था, खाद्य पदार्थ, गणित, संशोधन-परिवर्धनAbstract
खान-पान एवं भोजन जीवन की उन मूलभूत आवश्यकताओं में से हैं। जिसमें संशोधन-परिवर्धन के प्रयास प्रत्येक युग में किए जाते रहे हैं। खान-पान, एवं भोजन व्यवस्था भी किसी युग के रहन-सहन, अथवा संस्कृति के स्तर का सूचक होता है। यूँ जहां प्रारम्भ में मानव ने कच्चे फल और कन्दमूल को खान-पान के रूप में उपयोग किया था परिस्थितियों में बदलाव के साथ-साथ कालान्तर में भोजन के प्रति दृष्टिकोण भी बदला और मानव का ध्यान इन आवश्यकताओं से बढ़ कर विलास और स्वादिष्ट व्यंजनों की तरफ गया और खान-पान में विभिन्न तरह के व्यंजनों का समावेश बढ़ता चला गया।Downloads
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Published
2019-03-01
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Section
Articles
How to Cite
[1]
“मुगलकाल में सांस्कृतिक जीवन, खान-पान, भवन एवं वेशभूषाः एक अध्ययन: मुग़लकाल में भारतीय खान-पान जीवन: एक अध्ययन”, JASRAE, vol. 16, no. 4, pp. 191–194, Mar. 2019, Accessed: Mar. 13, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10428






