प्राचीन काल में कुषाणकालीन आर्थिक दशा का विश्लेषणात्मक अध्ययन

भारतीय सभ्यता और कुषाणकाल के आर्थिक विकास का अध्ययन

Authors

  • Sonu Kumar Author

Keywords:

प्राचीन काल, कुषाणकालीन आर्थिक दशा, विश्लेषणात्मक अध्ययन, भारतीय सभ्यता, संस्कृति

Abstract

भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के विकास में कुषाणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कुषाणवंशी राजाओं ने मौर्य-साम्राज्य के पश्चात् आर्थिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके द्वारा निर्मित साम्राज्य के परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके द्वारा निर्मित साम्राज्य के परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे के सम्पर्क में आए। मध्य एशिया में भारतीयों का सम्बन्ध अब और भी घनिष्ठ हो गया और व्यापार की प्रगति हुई।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2019-03-01

How to Cite

[1]
“प्राचीन काल में कुषाणकालीन आर्थिक दशा का विश्लेषणात्मक अध्ययन: भारतीय सभ्यता और कुषाणकाल के आर्थिक विकास का अध्ययन”, JASRAE, vol. 16, no. 4, pp. 734–739, Mar. 2019, Accessed: Mar. 13, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10536