नागार्जुन के काव्य में अभिव्यक्त लोकधर्मिता

Exploring the Expressions of Folk Values in Nagarjuna's Poetry

Authors

  • Smt. Sheel . Author

Keywords:

नागार्जुन, काव्य, अभिव्यक्त लोकधर्मिता, हिन्दी, मैथिली

Abstract

नागार्जुन (30 जून 1911[a]-5 नवम्बर 1988) हिन्दी और मैथिली के अप्रतिम लेखक और कवि थे। अनेक भाषाओं के ज्ञाता तथा प्रगतिशील विचारधारा के साहित्यकार नागार्जुन ने हिन्दी के अतिरिक्त मैथिली संस्कृत एवं बाङ्ला में मौलिक रचनाएँ भी कीं तथा संस्कृत, मैथिली एवं बाङ्ला से अनुवाद कार्य भी किया। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नागार्जुन ने मैथिली में यात्री उपनाम से लिखा तथा यह उपनाम उनके मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र के साथ मिलकर एकमेक हो गया।

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Published

2019-03-01

How to Cite

[1]
“नागार्जुन के काव्य में अभिव्यक्त लोकधर्मिता: Exploring the Expressions of Folk Values in Nagarjuna’s Poetry”, JASRAE, vol. 16, no. 4, pp. 752–754, Mar. 2019, Accessed: Mar. 13, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10539