मृणाल पाण्डे के साहित्य में साहित्यिक जीवन-दर्शन
A journey through the literary life and philosophies of Mrinal Pandey
Keywords:
मृणाल पाण्डे, साहित्यिक जीवन-दर्शन, जन्म, टीकमगढ़, शिवानी, नैनीताल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, कहानी, साप्ताहिक, धर्मयुगAbstract
मृणाल पाडे का जन्म मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में 26 फरवरी 1946 को हुआ। इनकी मां जानी-मानी उपन्यासकार एवं लेखिका शिवानी थीं। इन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा नैनीताल में पूरी की। उसके बाद इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम. ए. किया। इन्होंने अंग्रेजी एवं संस्कृत साहित्य, प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्व, शास्त्रीय संगीत तथा ललित कला की शिक्षा कारकारन (वाशिंगटन डी. सी.) से पूरी की। 21 वर्ष की उम्र में उनकी पहली कहानी हिन्दी साप्ताहिक ‘धर्मयुग’ में छपी। तब से वो लगातार लेखन कर रही हैं। समाज सेवा में उनकी गहरी रूचि रही है। वो कुछ वर्षों तक ‘सेल्फ इम्प्लायड वूमेन कमीशन’ की सदस्या रही हैं। अप्रैल 2008 में इन्हें पीटीआई (PTI) की बोर्ड सदस्य बनाया गया।Downloads
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Published
2019-03-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“मृणाल पाण्डे के साहित्य में साहित्यिक जीवन-दर्शन: A journey through the literary life and philosophies of Mrinal Pandey”, JASRAE, vol. 16, no. 4, pp. 1007–1010, Mar. 2019, Accessed: Mar. 13, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10586






