दौसा जिले की सिकराय तहसील में पत्थर नक्काशी उद्योग का विकास एवं प्रभाव
Exploring the Development and Impact of Stone Carving Industry in Sikrai Tehsil, Dausa District
Keywords:
हस्तशिल्प, पत्थर नक्काशी, रोजगार, स्थापत्य कला, सिकराय तहसीलAbstract
हस्तशिल्प किसी भी देश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते है हस्तशिल्प से देश के लाखो लोगो को रोजगार मिलता है पत्थरनक्काशी उधोग में राजस्थान का मुख्य स्थान है प्राचीन समय से ही राजस्थान स्थापत्य के क्षेत्र में अग्रणी रहा है राजस्थान में देलवाडा, रणकपुर जैन मंदिर हो या दौसा की आभानेरी बावड़ी हो, सभी में हस्तशिल्प कला , स्थापत्य कला का अद्भुत संगम दर्शाया हुआ है राजस्थान में पत्थर नक्काशी के क्षेत्र में पाली, जालोर, सिरोही, अजमेर, दौसा सहित कई स्थानों पर इसकी नक्काशी का कार्य किया जाता है दौसा जिले की सिकराय तहसील में भी पत्थर नक्कासी का काम बड़े स्तर पर किया जाता है सिकराय तहसील में सिकंदरा पत्थर नक्कासी के क्षेत्र में प्रसिद्द है पत्थर नक्काशी उद्धोग से आसपास के लोगो को रोजगार भी प्राप्त हो जाता है पत्थर नक्कासी से बने मूर्तियाँ देश के कई स्थानों में सप्लाई की जाती है प्रस्तुत अध्ययन में मैंने प्रतिचयन विधि में माध्यम से प्रमुख क्षेत्रो का चयन कर के अध्ययन किया हैDownloads
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Published
2019-03-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“दौसा जिले की सिकराय तहसील में पत्थर नक्काशी उद्योग का विकास एवं प्रभाव: Exploring the Development and Impact of Stone Carving Industry in Sikrai Tehsil, Dausa District”, JASRAE, vol. 16, no. 4, pp. 1730–1732, Mar. 2019, Accessed: Mar. 13, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10725






