डीडवाना तहसील राजस्थान में भूजल में फ्लोराइड का प्रभाव
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Keywords:
डीडवाना तहसील, भूजल, फ्लोराइड, पशुओं, फ्लोरोसिस, भैसों, गायों, भार, दुग्ध उत्पादन, जनन क्षमता, दाँत पीले, दुर्बलता, किसानों, बकरियों, भेड़ों, प्रतिरोधक क्षमताAbstract
डीडवाना तहसील के भूजल में अत्यधिक फ्लोराइड की मात्रा होने के कारण इसका प्रभाव पशुओं पर भी हानिकारक पड़ा है। फ्लोराइड युक्त पानी पीने से, सिंचित अनाज व चारे को खाने से भैसों और गायों पर अन्य पशुओं की अपेक्षा फ्लोरोसिस रोग के लक्षण अधिक दिखाई देते हैं। भैसों व गायों के भार और दुग्ध उत्पादन में कमी विगत कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इनकी जनन क्षमता कम हो गयी है, दाँत पीले और काले हो गये हैं। पशुओं में लंगड़ापन और दुर्बलता बढ़ रही है। भैसों एवं गायों की दुग्ध एवं प्रजनन क्षमता घटने से किसानों को आर्थिक हानि हो रही है। बकरियों, भेड़ों व अन्य पशुओं पर फ्लोराइड का प्रभाव डीडवाना तहसील में देखने को नहीं मिलता है। इनकी दुग्ध एवं प्रजनन क्षमता में कोई अन्तर नहीं आया है। फ्लोराइड के प्रति प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता भेड़, बकरी, ऊँट आदि में अधिक है।Downloads
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Published
2019-04-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
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“डीडवाना तहसील राजस्थान में भूजल में फ्लोराइड का प्रभाव: -”, JASRAE, vol. 16, no. 5, pp. 394–396, Apr. 2019, Accessed: Jan. 20, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/10925






