मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के विशेष संदर्भ वाले गैर-सरकारी संगठनों के कार्यपालकों के बीच नौकरी की संतुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन

A Comparative Study of Job Satisfaction among Executives of Non-Governmental Organizations in Chhatarpur District, Madhya Pradesh

Authors

  • Anoop Dixit Author

Keywords:

मध्यप्रदेश, छतरपुर जिला, गैर-सरकारी संगठन, कार्यपालियों, नौकरी, संतुष्टि, अध्ययन, प्रबंधकीय व्यवस्था, नियोजन, वित्त

Abstract

सभी संस्थानों की सफलता उनकी प्रबंधकीय व्यवस्था निर्भर करती है प्रबंध से तात्पर्य है उन संगठित व्यवस्थित तथा कमबद्ध क्रियाओं से है जिनके द्वारा भौतिक तथा मानवीय संसाधनों का उचित नियोजन संगठन समन्वय तथा नियंत्रण इस ढंग से किया जाय कि उद्देश्यों की प्राप्ति सर्वोत्तम रूप से सभ्भव हो सके प्रबंधकीय व्यवस्था बिना वित्त के अधूरी होती है किसी भी व्यवसाय की सफलता के वित्त की पर्याप्त पूर्ति तथा वित्त के प्रभावपूर्ण प्रबन्धन पर निर्भर करती है वित्त के आभाव में अच्छी से अच्छी योजना से केवल कागजों पर ही लिखी रह जाती है वह क्रियान्वित नहीं हो पाती। इन प्रबन्ध के आधार पर किसी भी संचार में आय अर्थात् धन को स्त्रोत अलग-अलग होते हैं। एन.जी.ओ. के प्रबन्धन के आधार पर जिन संस्थाओं को सरकार द्वारा आय पर ही अपने वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करते है।

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Published

2019-04-01

How to Cite

[1]
“मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के विशेष संदर्भ वाले गैर-सरकारी संगठनों के कार्यपालकों के बीच नौकरी की संतुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन: A Comparative Study of Job Satisfaction among Executives of Non-Governmental Organizations in Chhatarpur District, Madhya Pradesh”, JASRAE, vol. 16, no. 5, pp. 1237–1240, Apr. 2019, Accessed: Jan. 20, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11088