योग एवं आयुर्वेद में मन की अवस्था
Exploring the Connection between Mind and Body in Yoga and Ayurveda
Keywords:
योग, आयुर्वेद, मन, शरीर, वृत्तियों, मानसिक, शारीरिक, दुख, भूख, भोजनAbstract
शरीर और मन का गूढ़ सम्बन्ध है। एक की विकृति दूसरे पर भी अनिष्ट प्रभाव डालती है इसलिये शरीर की वृत्तियों के साथ ही साथ मन की वृत्तियों को जानना नितान्त आवश्यक है। अतएव मानसिक तथा शारीरिक क्रियायें एक दूसरे को प्रभावित करती हैं। सामान्य अनुभव की बात है कि दुख (जो एक मानसिक स्थिति है) में नेत्रों से आँसू (जो एक शारीरिक क्रिया है) निकल पड़ते है। शोक के कारण भूख रहते हुए भी भोजन के प्रति अनिच्छा हो जाती हैं।Downloads
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Published
2019-05-01
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Section
Articles
How to Cite
[1]
“योग एवं आयुर्वेद में मन की अवस्था: Exploring the Connection between Mind and Body in Yoga and Ayurveda”, JASRAE, vol. 16, no. 6, pp. 975–978, May 2019, Accessed: Apr. 04, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11481






