राष्ट्रपति पद के गणराज्यों में लोकतंत्र का एक तुलनात्मक अध्ययन

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Authors

  • Dr. Gautam Veer Author

Keywords:

राष्ट्रपति पद, गणराज्यों, लोकतंत्र, भारत, राष्ट्रपति चुनाव, राजनीति, विचारधारा, समता, समानता, संविधान

Abstract

भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था में सबसे प्रतिष्ठित पद राष्ट्रपति का है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जिस तरह से राजनीति हो रही है, उससे इस पद की गरिमा कम हुई है। राष्ट्रपति की अपनी कोई विशिष्ट विचारधारा नहीं होती, वह तो समय एवं परिस्थितियों के अनुसार, जो बात देश के हित में हो, वही उसकी विचारधारा और सिद्धांत बन जाती है। भारतीय गणराज्य के संविधान में सभी नागरिकों को समता और समानता का अधिकार है, फिर वह दलित हो या ब्राह्मण, हिंदू, सिख, ईसाई, मुसलमान सभी को यह अधिकार है।

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Published

2019-05-01

How to Cite

[1]
“राष्ट्रपति पद के गणराज्यों में लोकतंत्र का एक तुलनात्मक अध्ययन: -”, JASRAE, vol. 16, no. 6, pp. 2132–2135, May 2019, Accessed: Apr. 04, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11708