समकालीन महिला उपन्यासकारों की कृतियों में स्त्री विमर्श
Exploring the Inner World of Women in Contemporary Novels
Keywords:
समकालीन महिला उपन्यासकारों, स्त्री विमर्श, ग्रंथ, वेद, पुराण, रामायण, महाभारत, देवी, दासी, भोगAbstract
आदि अनादि काल से इस दुनिमा में कई ग्रंथ लिखे गए हैं। उनमें वेद, पुराण के साथ रामायण, महाभारत आदि श्रेष्ठ तथा पवित्र ग्रंथ हैं। परंतु इन सभी ग्रंथी में स्त्री का पात्र अति महत्वपूर्ण ह। स्त्री की एक ओर देवी कहते हैं तो दूसरी ओर दासी। कभी-कभी भोग के वस्तु के रूप में दर्शाते हैं। किंतु यह स्त्री क्या है इस बात को आज तक कोई नहीं समझा, क्योंकि स्त्री अतुलनीय है। स्त्री के बाह्य रूप को सभी लोगों ने देखा परंतु उसके अंर्तमन को कोई नहीं पढ़ सका।Downloads
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Published
2019-05-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“समकालीन महिला उपन्यासकारों की कृतियों में स्त्री विमर्श: Exploring the Inner World of Women in Contemporary Novels”, JASRAE, vol. 16, no. 6, pp. 2376–2380, May 2019, Accessed: Apr. 04, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11753






