भारतीय राजनीति में गरमपंथी विचारधारा
भारतीय राजनीति में गरमपंथ के विचारधारा: एक अव्यवस्थितता की चुनौती
Keywords:
भारतीय राजनीति, गरमपंथी विचारधारा, टवाधनवी आर्षवाद, भारतीय जीवन, चिंतन, राजनीति, अव्यवस्थितता, सतही पश्चिमीकरण, राममोहन राय, संतुलित समन्वय, प्रतिरोध आंदोलनAbstract
भारतीय राजनीति में गरमपंथ के उस प्रवृति से स्पष्ट सादृश्य है जिसे टवाधनवी आर्षवाद कहता है। यह भारतीय जीवन, चिंतन तथा राजनीति के उस अव्यवस्थित तथा सतही पश्चिमीकरण की चुनौती के प्रतिक्रयास्वरूप आया, जिसने राममोहन राय द्वारा स्थापित संतुलित समन्वय को उलट-पुलट सा दिया था। यह तीन स्तरों पर प्रतिरोध का आंदोलन था।Downloads
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Published
2019-05-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“भारतीय राजनीति में गरमपंथी विचारधारा: भारतीय राजनीति में गरमपंथ के विचारधारा: एक अव्यवस्थितता की चुनौती”, JASRAE, vol. 16, no. 6, pp. 2486–2491, May 2019, Accessed: Apr. 04, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11774






