शहरी व ग्रामीण जनसंख्या में बाल श्रमिकों की रोजगार में सहभागिता का अध्ययन

A Study on the Participation of Child Laborers in Urban and Rural Employment

Authors

  • Dr. Padma Tripathi Author

Keywords:

बाल श्रमिकों, रोजगार, सहभागिता, शहरी विकास, ग्रामीण विकास

Abstract

शहरी क्षेत्रों में औसत बाल श्रमिकों की रोजगार सहभागिता से स्पष्ट होता है कि जो व्यवसाय शहर में अधिकतर लोगों द्वारा अपनाये गये हैं जैसे- कृषि, पशुपालन, सिलाई, राजगीरी, रेशम पालन, कुटीर उद्योग, दुकानदारी तथा अन्य में से बाल श्रमिकों की औसत भागीदारी कृषि में 0.20, पशुपालन में 0.20 तथा दुकानदारी में 0.21 है। जबकि राजगीरी (लेबर) 0.13, सिलाई में 0.10, कुटीर उद्योग में 0.06 तथा रेशम पालन में 0.05 है। अन्य व्यवसाय में यह औसत भागादारी 0.10 है।अजीतमल शहरी क्षेत्र में कृषि व्यवसाय में 20 परिवारों में से 4 बालक बाबरपुर में 4.2, अटसू में 4.0 तथा अनन्तराम में भी मात्र 4 बालक इस व्यवसाय में अपना हाथ बंटाते हैं। इसी प्रकार पशुपालन में 4 बालक अजीतमल में, बाबरपुर में 4.0 बालक, अटसू में 4.2 बालक तथा अनन्तराम में 4.2 बालक रोजगार में लिप्त रहते हैं।

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Published

2019-05-01

How to Cite

[1]
“शहरी व ग्रामीण जनसंख्या में बाल श्रमिकों की रोजगार में सहभागिता का अध्ययन: A Study on the Participation of Child Laborers in Urban and Rural Employment”, JASRAE, vol. 16, no. 6, pp. 3462–3468, May 2019, Accessed: Apr. 04, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/11952