योग के अनुसार यम-नियम का स्वरूप

Understanding the Essence of Yama and Niyama in Yoga

Authors

  • Dr. Vikash Kumar Author

Keywords:

योग, यम-नियम, स्वरूप, युज समाधौ, चित्त वृत्तियों, समाधि, युजिर योग, युजसंयमने, योगफल, जोड़ तथा नियमन

Abstract

‘योग’ शब्द ‘युज समाधौ’ आत्मनेपदी दिवादिगणीय धातु में ‘घं’ प्रत्यय लगाने से निष्पन्न होता है। इस प्रकार ‘योग’ शब्द का अर्थ हुआ- समाधि अर्थात् चित्त वृत्तियों का निरोध। वैसे ‘योग’ शब्द ‘युजिर योग’ तथा ‘युजसंयमने’ धातु से भी निष्पन्न होता है किन्तु तब इस स्थिति में योग शब्द का अर्थ क्रमशः योगफल, जोड़ तथा नियमन होगा।

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Published

2019-06-01

How to Cite

[1]
“योग के अनुसार यम-नियम का स्वरूप: Understanding the Essence of Yama and Niyama in Yoga”, JASRAE, vol. 16, no. 9, pp. 573–576, June 2019, Accessed: Jan. 09, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/12265