आपराधिक न्याय प्रणाली एवं पीड़ित का महत्व

Exploring the Importance of Criminal Justice System and the Perspective of the Victims

Authors

  • Pushplata Patel Author
  • N. K. Thapak Author

Keywords:

आपराधिक न्याय प्रणाली, मानवीय अधिकार, क़ानून, न्यायिक विधि आयोग, राष्ट्रीय सम्मेलन

Abstract

शोधकर्ता मानवीय दृष्टिकोण के साथ मिलकर आपराधिक न्याय प्रणाली पर उपलब्ध क़ानून, विधायी और नियामक ढांचे का व्यापक सर्वेक्षण करना चाहता हैं। इस शोध के लिए शोधकर्ता केंद्रीय बिंदु पीड़ित पर विचार करने के साथ-साथ मानवीय अधिकार के दृष्टिकोण़ पर बोध करना चाहता है। इसके अलावा शोधकर्ता भरोसा कर रहे हैं कि पाठ्य साम्रग्री क़ानून, न्यायिक विधि आयोग की रिपोर्ट, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों की रिपोर्टों पर लेख विश्वकोश आदि इस शोध का आधार बनें। यहाँ शोधकर्ता कुछ पाठ्य पुस्तक और मल्लीमठ समिति की संक्षिप्त समीक्षा देते हैं। समिति की रिपोर्ट शोधकर्ता के शोध कार्य को औ बढ़ाने में सहायक होगी। आपराधिक न्यायप्रणाली के सुधार पर न्यायमूर्ति वी-,समलीमथ समिति, खंड 1 मध्यप्रदेश (मार्च 2003)- इस रिपोर्ट को मलिमथ समिति रिपोर्ट भी कहा जाता है, 4 इस रिपोर्ट में समिति के विभिन्न सदस्यों ने आपराधिक व्यवस्था प्रणाली के सुधारों पर सुझाव देने की कोशिश की और आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया समिति आपराधिक न्यायप्रणाली में पीड़ित की भूमिका पर भी ध्यान देती है और पीड़ित की स्थिति में सुधार करने के लि, प्रभावी उपाय देती है। शोधकर्ता इस रिपोर्ट के साथ सहमत हैं क्योंकि पीड़ित के साथ-साथ अपराध कोभी गम्भीरता से लिया गया, साथ ही समिति व्दारा प्रणाली की खामियों पर विश्लेषण भी बड़े तरीके से किया गया है।

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Published

2019-06-01

How to Cite

[1]
“आपराधिक न्याय प्रणाली एवं पीड़ित का महत्व: Exploring the Importance of Criminal Justice System and the Perspective of the Victims”, JASRAE, vol. 16, no. 9, pp. 656–661, June 2019, Accessed: Jan. 09, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/12281