गुजरात में मध्यम वर्ग शिक्षित महिला और महिला संगठन (1880-1947)
गुजरात में मध्यम वर्ग महिलाओं के शिक्षा आंदोलन और संगठन (1880-1947)
Keywords:
गुजरात, मध्यम वर्ग, शिक्षित महिला, महिला संगठन, शिक्षा आंदोलनAbstract
उन्नीसवीं सदी के अंत में महिलाओं के लिए शिक्षा आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रभाव औपचारिक रूप से शिक्षित महिलाओं में पर्याप्त वृद्धि थी। हालांकि, महिलाओं’ शिक्षा आंदोलन समाज के निचले खंड नहीं किया था। 1920 तक, आंदोलन शहरों और कस्बों और समाज के उच्च वर्ग तक ही सीमित रहा, जैसा कि पहले चर्चा की गई थी। 1920 के बाद स्वतंत्रता संग्राम के लिए जनता को लामबंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस चरण के दौरान पूरे देश में गांवों और आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए गए थे। इसके परिणामस्वरूप, आदिवासी लड़कों और लड़कियों की औपचारिक शिक्षा प्रणाली तक पहुंच थी।Downloads
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Published
2019-06-01
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Section
Articles
How to Cite
[1]
“गुजरात में मध्यम वर्ग शिक्षित महिला और महिला संगठन (1880-1947): गुजरात में मध्यम वर्ग महिलाओं के शिक्षा आंदोलन और संगठन (1880-1947)”, JASRAE, vol. 16, no. 9, pp. 1789–1793, June 2019, Accessed: Jan. 09, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/12472






