लैंगिक समानता ही भविष्य के विश्व की उन्नति और समृद्धि की कुंजी है।

लैंगिक समानता: भविष्य की कुंजी

Authors

  • डॉ० आबिदा ख़ातून Author
  • डॉ० एम० ए० खान Author

Keywords:

लैंगिक समानता, भविष्य, विश्व, उन्नति, समृद्धि

Abstract

बायतीम भदहराओॊ को नए बायत के उबयते ऩरयदृश्म भें एक सशक्त हस्तऺेऩ के रूऩ भें देखने के ऩमािप्त कायण हैं। भदहराओॊ सेजुड़े तनमभ , कानून , सॊवैधातनक प्रावधान , भीडडमा , सयकाय की नीततमाॊ व कामििभ , ऩॊ ामतों व ववधान सबाओॊ तथा सॊसद भें उनकाप्रतततनर्धत्व , जेंडय फजदटॊग , जेंडय फजदटॊग , उद्ममभता एवॊ कौशर ववकास कामििभ तथा फैंक्रकॊग एवॊ रघु ऋण मोजनाएॊ, स्व -सहामतासभूह औय भनयेगा जैसे प्रमास मभर -जुरकय भदहराओॊ के नए बायत भें भददगाय फने हैं।उन्हें अऩना एक आधुतनक याष्ट्र फनाने भें मेसफ सहामक मसद्ध हुए हैं। भदहराएॊ ववकासशीर देशों भें नए प्रवतिनों की वाहक फनी हैं।

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Published

2021-03-01

How to Cite

[1]
“लैंगिक समानता ही भविष्य के विश्व की उन्नति और समृद्धि की कुंजी है।: लैंगिक समानता: भविष्य की कुंजी”, JASRAE, vol. 18, no. 2, pp. 160–162, Mar. 2021, Accessed: Jan. 11, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/13061