सीनियर सेकण्डरी स्तर के विद्यार्थियों के शैक्षिक दुश्चिन्ता पर परामर्श की भूमिका का अध्ययन
शैक्षिक दुश्चिन्ता पर विद्यार्थियों के परामर्श: एक अध्ययन
Keywords:
विद्यार्थियों, शैक्षिक दुश्चिन्ता, परामर्श, शिक्षण प्रक्रिया, समस्याओं, एकाग्रता, शैक्षणिक उपलब्धि, शैक्षिक भविष्य, विषयों, परीक्षाAbstract
शिक्षण प्रक्रिया में परामर्श सीनियर सैकण्डरी स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षिक दुश्चिन्ता से सम्बन्धित समस्याओं को हल करने के लिए अत्यन्त आवश्यक है। एकाग्रता की कमी, निम्न शैक्षणिक उपलब्धि, शैक्षिक भविष्य के लिए सही विषयों का चयन, परीक्षा के समय चिन्ता, समायोजन में कठिनाई, उपलब्धि प्रेरणा में कमी सीनियर सैकण्डरी स्तरके विद्यार्थियों में शैक्षिक दुश्चिन्ता को प्रदर्शित करती है। उचित समय पर विद्यार्थियों की शैक्षिक दुश्चिन्ता से सम्बन्धित कमियों का मूल्यांकन करने, निर्धारण करने, उद्देश्यों को समझने, शैक्षिक समायोजन करने के लिए विद्यार्थियों का समय-समय पर आत्ममूल्यांकन करने में सहायता देने के लिए परामर्श की भूमिका महत्वपूर्ण है।Downloads
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Published
2022-04-01
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Section
Articles
How to Cite
[1]
“सीनियर सेकण्डरी स्तर के विद्यार्थियों के शैक्षिक दुश्चिन्ता पर परामर्श की भूमिका का अध्ययन: शैक्षिक दुश्चिन्ता पर विद्यार्थियों के परामर्श: एक अध्ययन”, JASRAE, vol. 19, no. 3, pp. 260–262, Apr. 2022, Accessed: Jan. 14, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/13869






