नंददास और भक्ति काल का इतिहास

भक्ति काल में नंददास: संतों और कवियों की भूमिका और उनका धार्मिक प्रभाव

Authors

  • डॉ. पूनम रानी Author

Keywords:

नंददास, भक्ति काल, भक्ति आंदोलन, संत और कवि, आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, जीवन और कार्य, आस्था

Abstract

भक्ति आंदोलन, एक गहन और परिवर्तनकारी सामाजिक-धार्मिक घटना, 7वीं और 17वीं शताब्दी के बीच पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैल गई। इस अवधि के दौरान, अनेक संत और कवि उभरे, जिनमें से प्रत्येक ने भक्ति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की समृद्ध रचना में योगदान दिया। इन विभूतियों में नंददास एक प्रमुख व्यक्ति हैं, उनका जीवन और कार्य भक्ति के सार को दर्शाते हैं। नंददास और भक्ति काल के इतिहास में गहराई से जाने का मतलब समय और आस्था के माध्यम से एक यात्रा शुरू करना है, आध्यात्मिक विचारों के विकास और भारतीय समाज पर इसके स्थायी प्रभाव की खोज करना है। इस पेपर में नंददास और बक्ती काल के इतिहास का अध्ययन किया गया

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2022-12-01

How to Cite

[1]
“नंददास और भक्ति काल का इतिहास: भक्ति काल में नंददास: संतों और कवियों की भूमिका और उनका धार्मिक प्रभाव”, JASRAE, vol. 19, no. 6, pp. 673–678, Dec. 2022, Accessed: Jan. 17, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/14242