अकबर और मुगल राज्य व्यवस्था के विकास का अध्ययन
अकबर के मुग़ल साम्राज्य में व्यवस्था और सांस्कृतिक उत्थान का अध्ययन
Keywords:
अकबर, मुग़ल साम्राज्य, व्यवस्था, तंत्रीकृत शासन पद्धति, धर्मिक सहमति, सम्राज्य प्रशासकीय, सामाजिक सुधार, राजनीतिक दक्षता, धार्मिक सहमति की कवायद, सामाजिक वर्गों, समृद्धि, सांस्कृतिक उत्थानAbstract
अकबर का शासन मुग़ल साम्राज्य की व्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण पारिप्रेक्ष्य था। उन्होंने तंत्रीकृत शासन पद्धति को अपनाया और धर्मिक सहमति को प्रोत्साहित किया। उनका सम्राज्य प्रशासकीय और सामाजिक सुधारों का केंद्र था, जिसने साम्राज्य की समृद्धि और सांस्कृतिक विकास को प्रोत्साहित किया। उनकी राजनीतिक दक्षता, धार्मिक सहमति की कवायद, और विभिन्न सामाजिक वर्गों के साथ समझबूत संबंधों ने उनके शासनकाल को एक समृद्धि और सांस्कृतिक उत्थान के रूप में बनाया।Downloads
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Published
2023-04-08
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“अकबर और मुगल राज्य व्यवस्था के विकास का अध्ययन: अकबर के मुग़ल साम्राज्य में व्यवस्था और सांस्कृतिक उत्थान का अध्ययन”, JASRAE, vol. 20, no. 2, pp. 484–488, Apr. 2023, Accessed: Jan. 10, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/14418






