एन.टी.पी.सी. लिमिटेड विध्यांचल का निगमीय सामाजिक उत्तरदायित्व सिंगरौली जिले की समीक्षा के संदर्भ में
Keywords:
निगमीय सामाजिक दायित्व, आर्थिक विकासAbstract
कार्पोरेट सामाजिक दायित्व वह पद्धति हैं जिसमें फर्म सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक सरोकार को अपने मूल्यों, संस्कृति, निर्णय प्रक्रिया, रणनीति एवं परिचालन में पारिदर्शिता व जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती है और इस प्रकार फर्म के भीतर बेहतर पद्वतियां स्थापित करती हैं सम्पत्ति निर्मित करती है और समाज को सुधारती है। सामाजिक दायित्व कम्पनी द्वारा अपने शेयर धारकों के हितों को ध्यान में रखते हुये प्राचलन करने के लिये एक प्रतिबद्धता है। यह वचनबद्धता सांविधिक आवश्यकता के अलावा है, इसलिये कार्पोरेट सामाजिक दायित्व का स्थाई विकास की पद्वाति से काफी नजदीकी रिश्ता है। निगमित सामाजिक दायित्व परोपकारी कार्यकलापों के अलावा सामाजिक और व्यवसायिक लक्ष्यो के एकीकरण से जुड़ा है। इन कार्यकलापों को इस परिपेक्ष्य में देखा जाना चाहिये कि इससे दीर्घा वधि स्थाई प्रतिस्पर्धा लाभप्राप्त करने में मदद मिल सकें।
Downloads
References
शुक्ल, डॉ. एम.एस.ए सहाय, डॉ. एस.पी., सांख्यिकी के सिद्धान्त साहित्य भवन पब्लिकेशन, 2009
त्रिवेद, डॉ. आर.एन., शुक्ला, डॉ. डी.पी., रिसर्च मैथ्डोलॉजी, कॉलेज बुक डिपों
मेहता, डॉ. सी.एम., व्यवसायिक संगठन, रामप्रसाद एण्ड सन्स
शुक्ल, डाॅ. एस.एम., भारती कम्पनी अधिनियम, साहित्य भवन, आगरा 2012
मालवीय, डॉ. अंजनी कुमार, व्यावसायिक पर्यावरण, प्रयाग पुस्तक भवन इलाहाबाद , 2012
ठाकुर, डी., रिसर्च मैथ्डोलॉजी इन सोसल साइन्स, दीप एण्ड होप न्यू दिल्ली, 2007
जैन, डॉ. एम.के., शोध विधियॉ, यूनिवर्सिटी पब्लिकेशन, नई दिल्ली, 2006
शर्मा, राजेन्द्र, व्यवसायिक प्रबन्ध के सिद्धान्त तथा उद्यमिता, कैलाश पुस्तक सदन भोपाल, 2009






