नारी अस्मिता की आवाज़ : अंजु दुआ ‘जैमिनी’
Unveiling the Voice of Women Empowerment in Anju Dua's 'Jaimini'
Keywords:
नारी अस्मिता, अंजु दुआ, जैमिनी, नारी दृष्टि, हक़-हकूकAbstract
मेरे शोध पत्र का उद्देश्य बहुपठित साहित्यकार और नारी अधिकारों की पैरोकार अंजु दुआ ‘जैमिनी’ के साहित्य में उनकी नारी के प्रति दृष्टि और नारी के हक़-हकूक की आवाज़ की खोजबीन करना है Iनारी सदा-सर्वदा से ही दलित और शोषित रही है I सृष्टि-सर्जक होने के पश्चात भी नारी के लिए आवाज़ उठाने वाले लोग कम ही हैं I हिंदी के आधुनिक साहित्यकार, विशेषत: ‘महिला साहित्यकार’ नारी उत्थान हेतु प्रयासरत हैं I औरत को बराबरी का हक़ दिलाने के लिए उन्होंने कलम को अपना हथियार बनाया हैI अंजु दुआ ‘जैमिनी’ इन्हीं साहित्यकारों की भीड़ से गूंजती हुई एक अलग ही आवाज़ है IDownloads
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Published
2017-01-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“नारी अस्मिता की आवाज़ : अंजु दुआ ‘जैमिनी’: Unveiling the Voice of Women Empowerment in Anju Dua’s ’Jaimini’”, JASRAE, vol. 12, no. 2, pp. 336–339, Jan. 2017, Accessed: Jan. 12, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/6261






