भारत में सहकारिता उद्धभव एवं विकास

भारतीय समाज में सहकारिता का महत्त्व एवं विकास

Authors

  • Dr. Shakil Ahmad Author

Keywords:

सहकारिता, भारत, उद्धभव, विकास, आर्थिक विकास

Abstract

सहकारिता का सिद्धान्त उतना ही प्राचीन है जितना कि मानवता का। इसे पिछली शताब्दी का एक आर्थिक चमत्कार माना गया है। सहकारिता एक व्यापक शब्द है। जीवन का कोई भी क्षेत्र, चाहे वह परिवार हो अथवा संस्था, समाज हो अथवा देश, सहकारिता के अभाव में चल नहीं सकेगा। किसी भी देश का सामाजिक, बौद्धिक, राजनैतिक और आर्थिक विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहाँ के निवासियों में पारस्परिक सहयोग कितना है।

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Published

2018-01-01

How to Cite

[1]
“भारत में सहकारिता उद्धभव एवं विकास: भारतीय समाज में सहकारिता का महत्त्व एवं विकास”, JASRAE, vol. 14, no. 2, pp. 1937–1942, Jan. 2018, Accessed: Mar. 03, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/7493