लोकगीत- अर्थ, परिभाषा, स्वरूप, उद्भव एवं विकास

लोक साहित्य: एक संक्षिप्त परिचय

Authors

  • Rajkumar . Author
  • Deepika Logani Trikha Author

Keywords:

लोकगीत, अर्थ, परिभाषा, स्वरूप, उद्भव, विकास, संस्कृति, लोक साहित्य

Abstract

किसी देश की संस्कृति का परिचय उस देश के लोक साहित्य से प्राप्त हो जाता है। लोक साहित्य समाज की आत्मा का उज्ज्वल प्रतिबिम्ब है। किसी देश की जातीय, राष्ट्रीय साहित्यिक, सामाजिक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं आर्थिक मापदंड के लिए यदि कोई पैमाना हमारे पास है तो वह उस देश का लोक साहित्य ही है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2018-04-01

How to Cite

[1]
“लोकगीत- अर्थ, परिभाषा, स्वरूप, उद्भव एवं विकास: लोक साहित्य: एक संक्षिप्त परिचय”, JASRAE, vol. 15, no. 1, pp. 77–79, Apr. 2018, Accessed: Jan. 12, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/7579