कृषि का उद्भव व विकास
विश्व में कृषि के उद्भव और विकास: एक इतिहासिक अध्ययन
Keywords:
कृषि, उद्भव, विकास, अनुसंधान, शोध, पौधों, पशुओं, खाद्य-वनस्पति, विश्व, आदिकालीनAbstract
कृषि का उद्भव व विकास कब और कैसे हुआ, यह आजकल अनुसंधान व शोध का रोचक विषय है। इस विषय में कोई सरल मत नहीं है, परन्तु परम्परानुसार कृषि की उत्पत्ति क्रांतिकारी घटना है। पुरातात्विक स्थलों में उपलब्ध प्रमाण यह सिद्ध करते हैं कि कृषि का विस्तार व विकास क्रमिक रूप से घटित एक प्रक्रिया है। वस्तुतः अनेक पौधों को और पशुओं को विभिन्न कालों में अनेक स्थानों पर उपजाया और पाला जाता रहा है। मानव इतिहास के आरम्भ में दीर्घकाल तक कंदमूल खाद्य-वनस्पति संग्रहण और पशुओं का षिकार प्रभावी क्रियाएं रहीं है। आज भी विश्व की अनेक आदिकालीन जन-जातियां इन क्रियाओं में लीन है। नियंडरी मानुषों (Homonids) और उनके वानरनुमा पूर्वज के भोजन का स्त्रोत स्थानीय वन ही थे। इसकी पुष्टि पुरा, मध्य एवं नव-पाषाण कालों के प्राचीन स्थलों की खुदाइयों द्वारा हो चुकी है।Downloads
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Published
2018-04-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“कृषि का उद्भव व विकास: विश्व में कृषि के उद्भव और विकास: एक इतिहासिक अध्ययन”, JASRAE, vol. 15, no. 1, pp. 883–886, Apr. 2018, Accessed: Jan. 12, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/7733






