डीडवाना तहसील राजस्थान की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमिः एक अध्ययन
डीडवाना तहसील में जनसंख्या का सामाजिक-आर्थिक अध्ययन
Keywords:
डीडवाना तहसील, राजस्थान, सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि, अध्ययन, मानवीय संसाधन, प्रदेश, अर्थिक विकास, प्रदेश की उन्नति, विकास, जनसंख्या, घनत्व, भौतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, विशेषताएं, आयु, लिंग, निवास स्थान, भाषा, धर्म, वैवाहिक स्थिति, मानव प्रजातियता, शिक्षा, व्यवसायिक, संरचनाAbstract
किसी प्रदेश के विकास में प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का योगदान महत्त्वपूर्ण होता है। मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग करने की क्षमता से ही प्रदेश का आर्थिक विकास होता है। परन्तु प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों के मध्य उचित सन्तुलन ही विकास की दिशा का निर्धारक होता है। यदि संसाधनों की तुलना में जनसंख्या घनत्व अधिक है तो विकास की दर धीमी हो जायेगी। अतः जनसंख्या के विभिन्न घटकों का प्रदेश की उन्नति व विकास के लिए अध्ययन एवं विश्लेषण आवश्यक होता है। जनसंख्या की भौतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताओं को जनसंख्या का संघटन कहा जाता है। आयु, लिंग, निवास स्थान, भाषा, धर्म, वैवाहिक स्थिति मानव प्रजातियता, शिक्षा और व्यवसायिक, संरचना प्रमुख सामाजिक-आर्थिक विशेषताएँ हैं। डीडवाना तहसील की जनसंख्या की प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन एवं विश्लेषण निम्नलिखित है।Downloads
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Published
2018-06-02
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“डीडवाना तहसील राजस्थान की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमिः एक अध्ययन: डीडवाना तहसील में जनसंख्या का सामाजिक-आर्थिक अध्ययन”, JASRAE, vol. 15, no. 4, pp. 350–355, June 2018, Accessed: Jan. 12, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/8231






