आदिवासी समुदाय एवं उनके सामाजिक संगठन में पाई जाने वाली जातियों का एक अध्य यन
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Keywords:
आदिवासी, समुदाय, सामाजिक संगठन, जातियाँ, अध्ययनAbstract
आदिवासी नाम का अर्थ है मूल और दो शब्दों से बना है आदि और वासी। आदिवासी भारत की आबादी का लगभग 8.6 (10 करोड़) बनाते हैं। प्राचीन साहित्य में आदिवासियों को अत्त्विक (संस्कृत ग्रंथों में) कहा जाता था। आदिवासियों को महात्मा गांधी (पहाड़ियों पर रहने वाले लोग) द्वारा गिरिजन कहा जाता है। भारतीय संविधान में आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति कहा गया है। आंध्र, गोंड, खरवार, मुंडा, खड़िया, बोडो, कोल, भील, कोली, सहरिया, संथाल, मीना, भूमिज, उरांव, लोहरा, बिरहोर, पारधी, असुर, तकंकर, और अन्य भारत के कुछ महत्वपूर्ण आदिवासी समूह हैं। इस लेख में आदिवासी समुदाय एवं उनके सामाजिक संगठन में पाई जाने वाली जातियों का एक अध्ययन किया गया हैDownloads
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Published
2018-08-05
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“आदिवासी समुदाय एवं उनके सामाजिक संगठन में पाई जाने वाली जातियों का एक अध्य यन: -”, JASRAE, vol. 15, no. 6, pp. 914–919, Aug. 2018, Accessed: Jan. 14, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/8634






