भारत में राष्ट्रवाद के उद्भव एवं विकास के कारण
भारत में राष्ट्रवाद के उद्भव और विकास: समाज सुधारकों से राष्ट्रीय आन्दोलन तक
Keywords:
राष्ट्रवाद, उद्भव, विकास, लोगों, एकता, स्वराज, राष्ट्रीय आन्दोलन, ठोस आधार, समाज सुधारकAbstract
राष्ट्रवाद वह भावना है जो लोगों को एकता के सूत्र में बांधती हैं और स्वराज के प्रति विश्वास पैदा करके राष्ट्रीय आन्दोलन को एक ठोस आधार प्रदान करती है। राष्ट्रीय आन्दोलन ही वह विचार है जो लोगों को चेतना प्रदान करने में समाज सुधारकों, राष्ट्रवादी नेताओं, राजनितिक संस्थाओं, शिक्षा प्रणाली, राष्ट्रवादी आदि तत्वों का बहुत अधिक योगदान रहा है।Downloads
Download data is not yet available.
Published
2018-11-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“भारत में राष्ट्रवाद के उद्भव एवं विकास के कारण: भारत में राष्ट्रवाद के उद्भव और विकास: समाज सुधारकों से राष्ट्रीय आन्दोलन तक”, JASRAE, vol. 15, no. 11, pp. 373–374, Nov. 2018, Accessed: Jan. 11, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/9071






