अमरकांत का व्यक्तित्व एवं क्रतित्व : एक अध्ययन
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अमरकांत के व्यक्तित्व एवं क्रतित्व का अध्ययन
Keywords:
अमरकांत, व्यक्तित्व, क्रतित्व, बलिया, भगनलपुरAbstract
उत्तर प्रदेश के सबसे पूर्वी जिले बलिया में एक तहसील है ‘रसड़ा’ । इस रसड़ा तहसील के सुपरिचित गाँव ‘नगरा’ से सटा हुआ एक छोटा-सा गाँव है- ‘भगनलपुर’। भगनलपुर गाँव तीन टोलों में बंटा है। गाँव के बीचों-बीच कायस्थों के तीन परिवार रहते थे। इन्हीं कायस्थ परिवारों में से एक परिवार था सीता राम वर्मा व भनन्ती देवी का। इन्हीं के पुत्र के रूप में 1 जुलाई, 1925 को अमरकांत का जन्म हुआ। अमरकांत का नाम श्रीराम रखा गया। इनके खानदान में लोग अपने नाम के साथ ‘लाल’ लगाते थे। इसलिए अमरकांत का नाम भी ‘श्रीराम लाल’ हो गया। बचपन में ही किसी साधू-महात्मा द्वारा एक और नाम रखा गया था, वह नाम था- ‘अमर नाथ’। यह नाम अधिक प्रसिद्ध न हो सका, किन्तु स्वयं श्री रामलाल को इस नाम के प्रति अलगाव हो गया। इसलिए उन्होंने कुछ परिवर्तन करके अपना नाम ‘अमरकांत’ रख लिया। अपनी साहित्यिक कृत्तियाँ इसी नाम से प्रसिद्ध हुई।अपने नामकरण की चर्चा करते हुए स्वयं अमरकांत जी ने लिखा है कि ‘‘मेरे खानदान के लोग अपने नाम के साथ ‘लाल’ लगाते थे। मेरा नाम भी ‘श्री रामलाल’ ही था। लेकिन अब हम लोग बलिया शहर में रहने लगे तो चार-पाँच वर्ष बाद वहाँ अनेक कायस्थ परिवारों में ‘लाल’ के स्थान पर ‘वर्मा’ जोड़ दिया गया और मेरा नाम भी ‘श्री राम वर्मा’ हो गया। ऐसा क्यों किया गया, इसे उद्घाटित करने के लिए भारत के बहुत से जातिवादी कचरे को उल्टना-पल्टना पड़ेगा।”Downloads
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Published
2019-01-01
Issue
Section
Articles
How to Cite
[1]
“अमरकांत का व्यक्तित्व एवं क्रतित्व : एक अध्ययन: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अमरकांत के व्यक्तित्व एवं क्रतित्व का अध्ययन”, JASRAE, vol. 16, no. 1, pp. 438–440, Jan. 2019, Accessed: May 10, 2026. [Online]. Available: https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/9523






